High Court turns down the plea of EMTA, directs to join fresh bid for MDO

EMTA_nThe directive was issued based on a writ petition filed by EMTA Coal Limited, Kolkata, and Karnataka EMTA Coal Mines, against KPCL and the state government.

The petition was filed after termination of a contract between the parties over supplying coal from the block to the thermal power plant at Ballari.

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The termination followed a Supreme Court decision which held that the allocation of coal blocks between 1993 and 2010 was illegal.

The court, however, allowed the petitioners to bid when KPCL invites fresh tenders. The court also directed KPCL to extend the last date for submission of bids, which was August 5, 2015.

The High Court on Tuesday directed the Karnataka Power Corporation Limited (KPCL) to re fresh bids to select a mine operator for its coal blocks in Chandrapur district of Maharashtra.

The petitioners had formed a joint venture company with KPCL with an agreement to supply coal at a price lesser than the prevalent rates of Coal India Ltd in 2004. The mines became operational in 2008 and its capacity was increased from 2.5 million tonnes to 5 million tonnes per annum in 2011.

The agreement between the two parties was struck down following the Supreme Court’s decision on allocation of coal blocks.

The petitioners had contended that the termination of contract would violate Section 11 of the Coal Mines (Special Provisions) Act, 2015.

In March 26 this year, the KPCL Board had decided to avail the services of the existing mine operator for a period of nine months or till a new operator is finalised. Source

One thought on “High Court turns down the plea of EMTA, directs to join fresh bid for MDO

  • February 5, 2016 at 8:13 pm
    Permalink

    Sanjay Singh, https://www.facebook.com/profile.php?id=100008518421541&fref=ufi&rc=p
    Coal scam ke bad 1 saal tak koi sud lene mala nahi hai ham sb unemployed ho chuke hai .pl hari baat sarkar tak pahuchawe.
    सेवा में,
    श्रीमान पियूष गोयल,
    माननीय कोयला मंत्री
    भारत सरकार।

    महोदय
    सादर अवगत कराना है की झारखण्ड राज्य में पाकुड़ जिला के अमरापाड़ा प्रखण्ड में स्थित पचुवारा सेंट्रल कोल ब्लॉक जिसका आवंटन कोयला मंत्रायल द्वारा पंजाब स्टेट पावर कारपोरेशन लिमिटेड(PSPCL) को आवंटित किया गया है। ज्ञात हो की उक्त माइंस पूर्व में भी PSPCL को आवंटित था। जिसका संचालन PSPCL एवं EMTA के सयुंक्त उपक्रम कम्पनी पैनम कोल माइंस के नाम से कोयला उत्खनन का कार्य वर्ष 2006 से कर रही थी। माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा सितम्बर 14 में अन्य कोल ब्लॉक के साथ इस कोल ब्लॉक का भी आवंटन रद्द कर दिया गया था। जिसके बाद पुनः इस कोल ब्लॉक का आवंटन भारत सरकार द्वारा PSPCL को किया गया है। आवंटन के पश्चात उक्त कोल ब्लॉक में ना ही खनन कार्य शुरू किया गया है और न ही कर्मचारियों के वेतन के साथ-साथ ग्रामीणों को मिलने बाली सुबिधा भी नही दी जा रही है। पूर्ण रूप से CSR भी बंद है।

    श्रीमान को अवगत कराना है की इस कोल ब्लॉक के बगल में स्थित पचुवारा नार्थ कोल ब्लॉक जिसका आवंटन वेस्ट बंगाल पावर डेवलपमेंट कारपोरेशन लिमिटेड(WBPDCL) को किया गया है के द्वारा अपने समस्त कर्मचारियों के वेतन का भुगतान प्रतिमाह (कोयला उत्खनन बंद होने के बाबजूद) किया जा रहा है।
    वही दूसरी तरफ हमलोगो को माह जून से अबतक वेतन नही मिला है जिसके वजह से हमलोग के समक्ष आर्थिक सकंट उतपन्न हो गई है। हमलोग के बच्चों को पढाई बाधित हो गया है। इस विषय को लेकर हमलोगो ने स्थानीय प्रशाशन के साथ-साथ PSPCL के उच्चाधिकारी को भी वेतन के लिए गुहार लगा चुके है लेकिन अभी तक कोई कार्यवाही नही हो रही है।

    महोदय आपसे विनम्र अनुरोध है की हमलोग का बकाया वेतन भुगतान कर्बाने हेतु अपने स्तर से PSPCL पर दबाब बनाने की कृपा करे। अन्यथा हम कर्मचारियों एवम् ग्रामीणों के समक्ष आत्मदाह करने के अलाबा कोई बिकल्प नही बचेगा क्योकि हमलोग कर्ज के बोझ तले दब गये है।

    श्रीमान का विश्वासी
    Sanjay Singh, https://www.facebook.com/profile.php?id=100008518421541&fref=ufi&rc=p

    समस्त प्रभाभित कर्मचारी एवम् ग्रामीण
    पचुवारा सेंट्रल कोल ब्लॉक
    अमरापाड़ा, पाकुड़, झारखण्ड
    मोबाइल नम्बर- 08271267707

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